कमर में दर्द के कारण | Kamar me dard ke Karan

कमर में दर्द के कारण | Kamar me dard ke Karan 


वर्तमान समय में वैसे तो कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं लेकिन आमतौर पर रीढ़ कि हड्डी का posture बिगड़ जाना एंवम कमर के ऊतकों में चोटें मुख्य कारण होते हैं। इन चोटों में सामान्यतः इंटरवर्टेब्रल डिस्क ( intervertebral discs ) को नुकसान पहुँचना एंवम रीढ़ कि हड्डी से निकलने वाली नसों का दब जाना आदि हैं। इस प्रकार कि स्तिथि बहुत खतरनाक होती है । मगर सभी दर्द इतने खतरनाक नहीं होते हैं इसलिए हम आपको आमतौर पर होने वाले कमर दर्द के कारणों के बारे में बताते हैं जिससे कि आपको यह पता लग सके कि आपका दर्द गंभीर है या सामान्य।


मांसपेशियों में तनाव एंवम लिगामेंट कि मोच | Mashpeshiyon Me Tanav or Ligament ki Moch 

दोस्तों आपकी कमर में हल्का दर्द, मोच एंवम तनाव कभी भी हो सकता है,
• जब तनाव बढ़ता है तब एक मांसपेशी अपने सामान्य आकार से ज्यादा खिंच जाती है जिसके फलस्वरूप आपकि मांसपेशीयों को नुकसान हो सकता है।
• मोच तब होती है जब अधिक खिचाव हो और जिसके कारण ligaments फट जाते हैं जो कि हड्डियों को एक साथ जोड़तें हैं।
आमतौर पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मांसपेशी या ligaments क्षतिग्रस्त है, क्योंकि लक्षण और उपचार दोनों के समान होते हैं।
मोच और तनाव के सामान्य कारण ( Moch aur Tanav ke Karan )
• जब आप किसी भारी वस्तु को उठाते हैं या उठाने के दौरान आपकी रीढ़ कि हड्डी का गलत तरीके से मुड़ जाना या झटका लग जाना ।
• कई बार आप दैनिक जीवन में ऐसी गतिविधियाँ करते हैं जिनके कारण आपकी कमर पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है, जैसे कि अचानक गिरना एंवम पैर का मुड़ना ।
• थोड़े लंबे समय तक रीढ़ कि हड्डी का गलत posture बने रहना जैसे कि – मुड़कर चलना, आगे ज्यादा झुककर काम करना या पढ़ना एंवम गलत तरीके से बैठना आदि।
• जब आप खेलते हो उस समय लगने वाली चोटें, विशेष रूप से ऐसे खेलों में, जिनमें कमर के निचले हिस्से में ज्यादा दबाव पड़ता हो।
तो दोस्तों अगर आपको इस प्रकार का दर्द है तो आप चिंता बिल्कुल ना करें क्योंकि इस प्रकार के दर्द ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहते हैं । इन दर्दों में आपको थोड़ा आराम करना चाहिए। मगर अधिक तेज दर्द चिंता का विषय हो सकता है।

कमर दर्द के कारण | Chronic Lower Back Pain Causes 

Chronic Lower Back Pain वह दर्द होता है जो एक बार दर्द होने के बाद तीन महीने से अधिक समय तक लगातार बना रहता है। Chronic Lower Back Pain में अक्सर एक disc problem, जोड़ों में दर्द, या किसी नश का दब जाना आदि सामान्य कारण होते हैं।
Lower Back Pain के सामान्य कारणों में शामिल हैं:

1. Lumbar herniated disc in Hindi

हमारी रीढ़ की हड्डी, हड्डियों कि एक श्रृंखला से बनी होती है, और ये हड्डियाँ discs द्वारा संकुचित होने का कार्य करती हैं। इसलिए इस हड्डियों को Intervertebral Discs भी कहा जाता है।
डिस्क के द्वारा रीढ़ की हड्डी एंवम कशेरुकाओं के बीच झटका लगने कि संभावना बहुत कम हो जाती है और यह रीढ़ कि सुरक्षात्मक pads होती हैं । क्योंकि discs हमारी दैनिक क्रियाओं जैसे – उठने-बैठने एंवम घुमने -फिरने में जो झटके लगते हैं उन्हे अवशोषित करके हमारी हड्डियों को सुरक्षित रखती हैं।
एक disc का आकार बढ़ जाना या बाहर कि तरफ खिसक जाना एंवम disc का टूटना आदि। इसके कारण disc cartilage एंवम इसके आसपास कि tissue कार्य करना बंद करते हैं जो कि हमारे लचीले संयोजी ऊतक होते हैं, slip disc को ही हम herniate Disc के नाम से जानते हैं।
इसी कारण जो disc के अंदर जैली (jelly) जैसा पदार्थ होता है वह disc को छोड़कर आस-पास के ऊतकों की तरफ जाना शुरू कर देता है। और यही आपके भयंकर कमर दर्द का कारण बनता है ।

2. Degenerative disc disease in Hindi

रीढ़ कि कशेरुकाओं के बीच में जो disc कि स्तिथि होती है वह जन्म के समय से jelly जैसे पदार्थ से भरे होते हैं और पूर्ण रूप से स्वस्थ होते हैं जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, इसके कारण कशेरुकाओं के बीच कि एक या एक से अधिक disc खराब एंवम टूट जाती है अथवा jelly सूख जाती है ।

इसी को हम Degenerative disc disease के नाम से जानते हैं ।जिससे कारण आपको दर्द का अहसास होता है।

हालांकि कुछ मामलों में, रीढ़ की हड्डी का लचीलापन खो जाता है। हालांकि उपचार द्वारा स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

3. Facet joint dysfunction in Hindi

रीढ़ कि कशेरुकाओं के प्रत्येक disc के पीछे दो जोड़ होते हैं। इन जोड़ों में हड्डियों के बीच में cartilage होता है और ये एक capsular ligaments से घिरे होते हैं, जो हमारी नसों से बहुत ज्यादा मजबूत होता है। Facet joint pain आयु के साथ खुद एंवम disc pain के साथ भी हो सकता है।

4. Sacroiliac joint dysfunction in Hindi

Sacroiliac joint, रीढ़ के निचले हिस्से के दोनों side के pelvis को sacrum से जोड़ता है। si joint एक मजबूत एंवम low-motion वाला joint है जो मुख्य रूप से शरीर के ऊपरी भाग एंवम निचले भाग के बीच झटकों और तनावों को अवशोषित करता है। Sacroiliac joint काफी दर्दनाक हो सकता है अगर इसमे सूजन या Sacroiliitis हो जाता है।

5. Spinal stenosis in Hindi

Spinal stenosis रीढ़ की एक गंभीर बीमारी है। इस रोग में रीढ़ कि spinal canal संकुचित हो जाती हैं। परिणामस्वरूप नलिका (spinal canal) के अंदर स्थित तंत्रिकाओं (nerves) पर दबाव पड़ने लगता है। इस कारण रोगी को कई तरह की तकलीफें होती हैं।
Spinal Canal का संकुचन central, forminal, एंवम दोनों प्रकार का हो सकता है । लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति के कारण अब इस रोग से पूरी तरह छुटकारा संभव है।

6. Spondylolisthesis in Hindi

वर्तमान समय में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो लंबे समय तक हमारे साथ बनी रहती हैं। जिनमें से एक है स्पॉन्डिलाइटिस (Spondylolisthesis)। और स्पॉन्डिल का अर्थ है vertebra और ‘आइटिस’ का अर्थ सूजन होता है, इसलिए रीढ़ की हड्डी में सूजन को ही स्पॉन्डिलाइटिस (Spondylolisthesis) कहते हैं ।

स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या आम तौर रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है।
यह स्थिति तब होती है जब रीढ़ की हड्डियों की असामान्य बढ़ोत्तरी और Vertebra अपने स्थान से दूसरी जगह खिसक जाती है।

7. Osteoarthritis in Hindi

Osteoarthritis एक arthritis का प्रकार है, इस रोग में हमारे जोड़ों के Cartilage या तो टूट जाते हैं, या फिर उम्र के साथ धीरे-धीरे घिस जाते हैं, और महिलाओं में इस प्रकार कि समस्या आम पाई जाती है।

कार्टिलेज (Cartilage) वह चिकना ऊतक होता है जो हमारे शरीर के किसी जोड़ में हड्डी के आखिरी सिरे को ढक कर रखता है। जब कार्टिलेज को किसी प्रकार का नुकसान होता है, तत्पश्चात हड्डियाँ आपस में रगड़ना आरंभ कर देती हैं और इस रगड़ के कारण हमारे जोड़ों को बहुत नुकसान पहुंचता है । Osteoarthritis ज्यादातर हाथों-पैरों, घुटनों एंवम कूल्हों में ज्यादा होता है।

8. Scoliosis Deformity in Hindi

स्कोलियोसिस (Scoliosis ) एक ऐसी स्थिति है जिसमें हमारी रीढ़ कि हड्डी टेढ़ी हो जाती है अथवा रीढ़ की हड्डी एक तरफ घूम जाती है। वैसे तो Scoliosis रीढ़ की हड्डी के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है।

मगर फिर भी ज्यादातर यह थोरैसिक या छाती वाले क्षेत्र को प्रभावित करता है और इसलिए यह थोरैसिक स्कोलियोसिस कहलाता है। यदि यह कमर के निचले हिस्से में होता है तो इसे लम्बर स्कोलियोसिस (Lumber Scoliosis) कहा जाता है।

9. Trauma in Hindi

हमारी रीढ़ की हड्डी का फ्रैक्चर शरीर की अन्य हड्डियों के फ्रैक्चर से काफी अलग होता है। क्योंकि रीढ़ की हड्डी कि vertebra के टूटने या अपनी जगह से खिसक जाने से, spinal cord या उससे निकलने वाली नसें (nerves ) विभिन्न प्रकार से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।

ज्यादातर spinal फ्रैक्चर ऊंचाई से गिरने,सड़क दुर्घटना, या खेल-कूद के दौरान लगी चोट के कारण होते है। spinal injury के लगभग 80% मामले युवा वर्ग के लोगों में पाए जाते हैं।

इसी तरह रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर या हड्डी का टूटकर अपनी वास्तविक जगह से खिसकने के अलावा spinal cord में चोट लगने के कारण भी रीढ़ की हड्डी क्षतिग्रस्त हो सकती है।

पीठ दर्द के असामान्य कारण

1.Tumor in Hindi

Tumor ज्यादातर spinal tumors शरीर के दूसरे हिस्से में शुरू होते हैं और बाद में रीढ़ कि हड्डी को प्रभावित करते हैं। रीढ़ में फैलने वाले सबसे आम tumor स्तन, प्रोस्टेट, गुर्दे, थायरॉयड और फेफड़ों में कैंसर से शुरू होते हैं। इस प्रकार के कमर दर्द बहुत असामान्य होते हैं।

2.Infection in Hindi

Infection वैसे तो रीढ़ की हड्डी में संक्रमण होने कि सम्भावना बहुत कम होती है, लेकिन इस प्रकार के संक्रमण में बहुत गंभीर दर्द होता है और सही से इसका उपचार ना होने से रोगी कि जान भी जा सकती है। यह surgical procedures, injections, एंवम blood stream के माध्यम से फैल सकता है। इस प्रकार किसी रोग का उपचार करवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह डॉक्टर कुशल एंवम प्रशिक्षित हो ।

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको मेरा यह लेख “Kamar Dard ke Karan” जरुर पसंद आया होगा। क्योंकि मेरी दिल से इच्छा थी कि मैं आपको कमर दर्द के कारणों के बारे में बताऊ, क्योंकि कमर में दर्द होने के बहुत से ऐसे कारण होते हैं जिनको या तो कोई Serious नहीं लेता है या कोई छोटी सी दिक्कत के कारण ज्यादा चिंता कर बैठता है जो कि बिल्कुल व्यर्थ है।

इसलिए जब आपको पीठ से संबंधित कोई परेशानी होती है तो उसकी अच्छे से जांच करवाये कि इसका मुख्य कारण क्या है ? चाहे कोई भी समस्या हो पहले उसके सही कारण का पता लगाया जाता है उसके बाद उसके उपचार कि प्रक्रिया शुरू होती है । इसीलिए हमने आपको कमर दर्द के कारण बताए है ताकि आप इसका सही इलाज कर सकें ।

HindiMedicines.com पर कमर दर्द से जुड़ी सभी प्रकार कि समस्याओं का समाधान मिलेगा इसलिए आप हमारे साथ बने रहें । मैं ऐसा इसलिए बोल रहा हूँ क्योंकि मैं खुद 3 साल से ज्यादा Slip Disc & Sciatica से पीड़ित रहा हूँ और मैंने ये स्वयं सही किया है और आप भी सही हो सकते है।

इसलिए मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दूसरी sites या internet में उस article के बारे में खोजने की जरुरत ही ना पड़े ।

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी प्रकार कि Health information भी मिल जाएंगी। यदि आपके मन में इस लेख को लेकर कोई भी सवाल हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होने तो आप नीचे comments लिख सकते हैं।

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