जानिए अनार के फायदे एंवम 24 घरेलू नुस्खे

अनार

अनार के फायदे जानकार हैरान हो जाओगे आप। क्योंकि अनार के सेवन से आपकी सेहत को बहुत ज्यादा फायदे मिलते हैं, वैसे तो आप सभी थोड़े बहुत अनार के फ़ायदों के बारे में जानते होंगे।  

क्या आपको पता है कि अनार के वे फायदे कौन-कौन से हैं? जो विभिन्न प्रकार कि बीमारियों में भी काफी लाभप्रद होते हैं। 

अनार का फल तो गुणकारी होता ही है इसके साथ में इसका पूरा वृक्ष भी औषधीय गुणों से भरा होता है।  

यदि आप अनार के फायदे अच्छे से जानना चाहते हैं, तो इस लेख को पूरा पढे    और अनार के अनोखे फ़ायदों के बारे में पता लगाए। क्या पता कौन सा नुस्खा कब काम आ जाये ।  

अनार के प्रका

1.मीठे रस का अनार 

2.खट्टे रस का अनार

3.खट्टे – मीठे रस वाला अनार 

वैसे तो भारत में अनार का पेड़ हर राज्य में पाया जाता है। लेकिन  पश्चिमी हिमाचल प्रदेश, और उत्तराखण्ड में अनार की खेती अत्यधिक मात्रा में होती है। 

कुछ अन्य भाषाओं में अनार के विभिन्न नाम  

  • Anar meaning in English – पोमग्रेनेट (Pomegranate) 
  • Anar in Sanskrit– दाडिम, करक, रक्तपुष्पक 
  • Pomegranate in Hindi – अनार, दाड़िम 
  • Pomegranate in Urdu– गुल अनार 
  • Anar in Uttarakhand– दाड़िम 
  • Pomegranate in Gujarati– दाड़म, गुलनार  
  • Anar in Punjabi– दारूण, जामन 

अनार कि Nutrition Value  

  • एनर्जी ( Energy ) – 4%,  
  • कार्बोहाइड्रेट ( Carbohydrate ) – 14%,  
  • अनसेचुरेटड फेटी एसिड ( Unsaturated Fatty Acid ) – 6%  
  • डाइटरी फाइबर ( Fibre ) – 11%  
  • प्रोटीन ( Protein ) – 3%   
  • विटामिन्स ( Vitamins ) – 14%   
  • थाइमिन ( Thaimin ) – 5.5% 
  • आयरन ( Iron ) – 4% 
  • इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फोलिक एसिड ( Folic Acid ) और राइबोफ्लेविन जैसे तत्व भी पाए जाते हैं। 

विभिन्न बीमारियों में अनार के घरेलू नुस्खे  

पेट दर्द ( stomach pain ) 

यदि आप अनार के दानों में थोड़ा सा सेंधा नमक तथा पिसी हुई काली मिर्च मिलाकर खाते हैं, तो इससे से पेट दर्द सही होता है।  

जिनके पेट में हमेशा दर्द रहता हो, उन्हें कुछ दिनों तक लगातार इस विधि से अनारदानों का सेवन करना चाहिए।  

इससे भूख खुलकर लगेगी और पेट दर्द दूर भाग जाएगा। मीठे अनार के 50-60 ग्राम दानों में पिसी काली मिर्च मिलाकर खाने से भी पेट दर्द में काफी आराम होता है।  

एनीमिया anemia ) 

  • एनीमिया से पीढ़ित व्यक्ति को एक ग्लास अनार का जूस रोज पिलाएं। इससे एनीमिया के रोगी को अत्यधिक लाभ होगा।  
  • 4-6 ग्राम अनार के पत्तों को छाया में सुखा लें। फिर इसका चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को सुबह देशी गाय के दूध से बनी छाछ एंवम लस्सी के साथ पिएं। इस नुस्खे से एनीमिया के रोगी को काफी लाभ होगा।  

पीलिया ( jaundice ) 

मीठे अनार के दानों का 50 ग्राम रस रात को खुले स्थान में लोहे के बर्तन में रख दें।और सुबह उसमें उचित मात्रा में मिश्री मिलाकर पिएं। इस नुस्खे को एक-दो सप्ताह तक उपयोग में लाएं, ऐसा करने से पीलिया दूर हो जाएगा। 

जोड़ों में दर्द से राहत 
अनार का जूस रोज पीने से मांसपेशियों, हड्डियों तथा जोड़ों के दर्द से काफी राहत मिलती है। जिन्हें अधिकतर जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती हैं, उन लोगों को चिकित्सक भी अनार खाने की सलाह देते हैं। 

गंजापन ( Baldness ) 

गंजेपन में अनार के फायदे लेने हैं, तो सबसे पहले मीठे अनार के पत्तों को पानी में पीसकर अपने सिर पर लेप करें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में आपका गंजापन दूर हो सकता है।  

नाखूनों का टूटना  ( Nail break ) 

अनार के पत्तों का रस रोजाना नाखूनों पर रगड़ते रहने से नाखूनों का टूटना बंद हो जाता है। और ध्यान रखें कि रस मलने के तुरंत बाद हाथों को ना धोएं।  

स्वप्नदोष ( Nightmare ) 

यदि किसी को स्वप्नदोष कि समस्या है तो उसे लाल अनार का सूखा छिलका पिस एंवम छान कर 3-4 ग्राम सुबह और शाम हल्के गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए।    

तथा इसका दो हफ्ते नियमित सेवन करने से स्वप्नदोष कि समस्या सही हो जाती है।  

पायरिया ( Pyorrhea ) 

यदि आपके मसूड़ों से खून निकलता हो, तो अनार के फूलों को छाया में सुखाकर बिल्कुल बारीक पीस लें।  

फिर उसे सुबह-शाम मंजन की तरह दांतों तथा मसूड़ों पर अच्छे से मलें।  

2-3 हफ्तों तक लगातार इस मंजन को करने से पायरिया रोग ठीक हो जाता है। और इससे हिलते हुए दांत भी मजबूत हो जाते हैं।  

बहुमूत्र ( Multimodal ) 

यदि आपको गरमी के कारण बार-बार पेशाब आने कि समस्या है, और बहुमूत्रता कि समस्या के लिए आप अनार के फायदे लेना चाहते हैं, तो अनार के छिलकों को पीसकर चूर्ण बनाएं।  

और इस चूर्ण का गुनगुने पानी के साथ दिन में 2-3 बार सेवन करें।  

खांसी ( cough ) 

मीठे अनार के छिलकों के 20 ग्राम चूर्ण मे 5 ग्राम लाहौरी नमक मिलाएं फिर उसमे जरूरत के हिसाब से पानी डालें। इसके पश्चात इनकी 25 गोलियां बना लें।  

एक-एक गोली दिन में 2-3 बार चूसने से खांसी ठीक हो जाती है।  

काली खांसी ( Hooping cough ) 

जिस बच्चे को काली खांसी हो, उसे अनार का छिलका डाल कर दूध उबालें।   

कुछ दिनों तक रोजाना पिलाएं। इस नुस्खे से काली खांसी ठीक हो जाएगी।  

दागधब्बे और झाइयां ( Stains, spots and freckles ) 

यदि त्वचा के लिए अनार के फायदे लेने हैं तो, सबसे पहले अनार के छिलकों को अच्छी तरह सुखा लें, फिर अच्छे से पीसकर उनका बारीक चूर्ण बना लें।  

इसके बाद इस चूर्ण को गुलाब जल के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे के दाग, धब्बे और झाइयां दूर हो जाती हैं।  

एंटी-एजिंग गुण ( AntiAging ) 
अनार में उच्च मात्रा में विटामिन A, E और C होता है, जिससे बढ़ती उम्र की समस्या दूर रहती है।  

रोजाना इसका सेवन करने से त्वचा की महीन रेखाए और झुर्रियाँ कम हो जाती हैं। जिसके फलस्वरूप आपकि उम्र कम लगने लगती है।  

बवासीर Piles ) 

मीठे अनार के छिलकों का 5-6 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम हल्के गुनगुने पानी के साथ लें। कुछ दिनों तक इसके सेवन करने से खूनी बवासीर में काफी लाभ होता है।  

लेकिन इस समय गरम वस्तुओं का सेवन न करें और कब्ज आदि से बचें।  

मुंह के छाले ( Mouth ulcers ) 

यदि मुंह के छालों के लिए आपको अनार के फायदे पूर्ण रूप से लेने हैं तो, सबसे पहले  अनार का छिलका, बबूल की छाल तथा सफेद कत्था तीनों को अच्छी तरह पानी में औटाकर कुल्ले करें।  

इससे मुंह के छाले जल्दी सही हो जाते हैं।  

मुंह की दुर्गंध ( Halitosis ) 

मीठे अनार के छिलकों को पानी में उबालकर उससे कुल्ले करने पर मुंह एवं श्वास की दुर्गंध कुछ ही दिनों में पूरी तरह दूर हो जाती है।  

पेचिश ( Dysentery ) 

अनार के 15 ग्राम सूखे छिलके और फूल वाली दो लौंग, दोनों को पीसकर एक गिलास पानी में अच्छी तरह उबालें।  

जब पानी आधा रह जाए, तो उसे छानकर तीन खुराक करके पिएं। दस्त और पेचिश में काफी राहत मिलेगी।  

शरीर की गरमी ( Body heat )   

आपके शरीर कि गर्मी खत्म करने के लिए अनार का जूस बहुत फायदेमंद है।  

यदि किसी वजह से शरीर की गर्मी आपको परेशान कर रही हो, तो दिन में दो बार अनार का जूस पिएं।  

भोजन से अरुचि ( Anorexia ) 

एक चम्मच भुना हुआ जीरा, चुटकी भर थोड़ी सिंकी हुई हींग, और आधा चम्मच पिसी काली मिर्च, तथा स्वादानुसार सेंधा नमक एंवम 70 ग्राम अनारदाना इन सबका चूर्ण बना लें।  

रोज सुबह थोड़ा सा चूर्ण खाने से भोजन के प्रति अरुचि दूर हो जाएगी है।  

अम्लपित्त ( Acidity ) 

अम्लपित्तमिचलीउल्टीहिचकी और प्यास आदि में अनार का जूस काफी लाभकारी होता है।  

इसके सेवन से खून में वृद्धि होती हैशरीर शक्तिशाली होता हैतथा पाचन तंत्र मजबूत होता है।  

इन्ही के साथ चेहरे पर लालिमा और आंखों में चमक भी आती है।  

ल्यूकोरिया  

अनार ल्यूकोरिया से पीड़ित रोगी के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।  

अनार के फल के छिलकों से बने काढ़े में थोड़ी हल्दी मिलाएं।  

और इससे योनि को साफ करें। इस नुस्खे से ल्यूकोरिया में तुरंत लाभ होता है।   

मासिकधर्म ( Menstrual ) 

अनार के सूखे छिलकों से बने चूर्ण को 5 ग्राम कि मात्रा में गुनगुने पानी के साथ लें। इसका दिन में दो बार सेवन करे।  

इससे मासिक धर्म की अधिकता में कमी आ जाएगी।   

हिस्टीरिया ( Hysteria ) 

20 ग्राम अनार के हरे पत्ते और 20 ग्राम गुलाब के ताजे फूल लें। इन दोनों को 500 ML पानी में उबालें।  

जब एक चौथाई पानी बच जाए, तो उसे छानकर 50 ग्राम देशी घी और स्वादानुसार देशी खांड़ मिलाकर 10 ग्राम रोजाना पिएं। इससे हिस्टीरिया के दौरे में आराम हो सकता है।  

नकसीर ( Hemorrhage ) 

यदि आपको नकसीर के समस्या है तो अनार के फूल को थोड़े से दूध के साथ पीसकर देने से नासिका से गिरता हुआ रक्त बहुत जल्द ही बंद हो जाता है।  

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