सीताफल का परिचय एंव गुणकारी फायदे

सीताफल जहां भी दिख जाये, खाना जरूर, कारण हम बता रहे हैं -सीताफल एक ऐसा फल है जो सर्दी के मौसम में बाजारों में मिलता है।सीताफल को इंग्लिश में कस्टर्ड  एप्पल कहते हैं और शरीफा नाम से भी ये फल जाना जाता है।

यह फल अनगिनत औषधियों में शामिल है। यह पकी हुई अवस्था में बाहर से सख्त और अंदर से नरम और बहुत ही मीठा होता है। 

इसका अंदर का क्रीम सफेद रंग का और मलाईदार होता है। इसके बीज काले रंग के होते है।बाजार में आजकल सीताफल का बासुंदी शेक और आइसक्रीम भी मिलते हैं। यह हमारे सेहत के लिए बहुत ही अच्छा होता है।इसमें विटामिन होता है इसके अलावा इसमें नियासिन विटामिन ए राइबोफ्लेविन थियामिन ये तत्व होते हैं.  

इसके इस्तेमाल से हमें आयरन, कैल्शियम, मैग्नीज, मैग्नेशियम, पोटेशियम और फोस्फरस मिलते है।खास बात यह है कि सीताफल में आयरन अधिक मात्रा में होता है।

सीताफल के फायदे

1.इसके अन्दर मौजूद पोटेशियम और मैग्नेशियम हृदय के लिए बहुत अच्छा होता है। 

2.मैग्नेशियम शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता, इसके फाइबर की प्रचुर मात्रा से ब्लड प्रेशर अच्छा रहता है।इससे कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।

3.इसमें विटामिन और आयरन खून की कमी को दूर करके हीमोग्लोबिन बढ़ाते हैं। 4.सीताफल का लाभ अगर आपको कब्ज की समस्या की समस्या हो तो सीताफल से ये दूर हो सकती है। 

5.सीताफल में पर्याप्त मात्रा में कॉपर तथा फायबर होते हैं जो मल को नरम करके कब्ज की समस्या को  मिटा सकते हैं।इसके उपयोग से पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। 

6.गर्भवती महिला के लिए सीता फल खाना लाभदायक होता है इससे कमजोरी दूर होती है, उल्टी व जी घबराना ठीक होता है।सुबह की थकान में आराम मिलता है, शिशु के जन्म के बाद सीताफल खाने से ब्रेस्ट दूध में वृद्धि होती है। 

7.यदि आप कमजोर हो या आपको वजन बढ़ाना हो तो सीताफल का भरपूर उपयोग करना चाहिए। इसमें प्राकृतिक शक्कर अच्छी मात्रा में होती है। जो बिना किसी नुकसान के वजन बढ़ाकर आकर्षक व्यक्तित्व देसकती है। 

8.इसके नियमित सेवन से पिचके हुए गाल और कूल्हे पुष्ट होकर सही आकार में आ जाते हैं और व्यक्तित्व में निखार आता है।

9.सीताफल के पेड़ की छाल में पाए जाने वाले टैनिन के कारण इससे दांतों और मसूड़ों को लाभ मिलता है।10.सीताफल दांत और मसूड़ों के लिए फायदेमंद होता है। इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम दांत मजबूत  बनाता है।

11.इसकी छाल को बारीक पीस कर मंजन करने से मसूड़ों और दांत के दर्द में लाभ होता है। यह मुंहकी बदबू भी मिटाता है। 

12.सीताफल में पाए जाने वाले विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘सी’ तथा राइबोफ्लेविन के कारण यह आंखों के  लिए फायदेमंद होता है। यह नेत्र शक्ति को बढ़ाता है तथा आंखों के रोगों से भी बचाव करता है। 

जिन लोगों को लैपटाप आदि का काम अधिक होता है उनके लिए इस फल का नियमित सेवन करना बहुत ही अच्छा लाभकारी रहता है। 

13.यह मानसिक शांति देता है तथा डिप्रेशन तनाव आदि को दूर करता है।14.कच्चे सीताफल के क्रीम खाने से दस्त व पेशिच में आराम आता है। कच्चे क्रीम को सुखा कर भी रख सकते है। जरूरत पड़ने पर इसे  भिगोकर खाने खाने पर यह दस्त मिटाने में उपयोगी होता है। 

  • सीताफल के व्यंजन 

सीताफल की मलाईदार खीर -सीताफल के गूदे को उसके बीज से अलग करके एक बर्तन में एकत्र कर लें।थोड़ा सा पानी लेकर उसमें यह गूदा अच्छी तरह मिक्स कर लें अथवा मिक्सी में चलाकर मिक्स कर लें। इसमें नारियल, काजू, बादाम,  किशमिश, अंजीर आदि मिलाकर मलाईदार खीर का स्वाद लें। 

  • सीताफल की आइसक्रीम 

आइसक्रीम के रूप में सीताफल का स्वाद सबसे स्वादिष्ट होता है।वैसे तो बाजार में सीताफल स्वाद में अनेक आइसक्रीम उपलब्ध हैं किंतु स्वाद के साथ सेहत पानी हो तो इसे आजमायें -कच्चा नारियल (एक) छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।

इन टुकड़ों को थोड़े पानी के साथ मिक्सी में अच्छी तरह से पीस कर छान लें। नारियल का गाढ़ा दूध तैयार हो जायेगा।इस दूध में सीताफल का गूदा निकालकर मिक्स कर लें।  फ्रीजर मे जमाकर आइसक्रीम तैयार कर लें, इसमें चीनी मिलाने की आवश्यकता नहीं है। 

सर्व करते समय रूचि के अनुसार ड्राई फूट्स डालकर सर्व करें। 

  • बच्चों को शाम के समय दूध के साथ सीताफल का गूदा मिक्स करके शेक के रूप में भी दे सकते हैं।बच्चों को यह स्वाद बाजार के बनावटी पाउडर वाले दूध से अधिक पसंद आयेगा।सावधानी- सर्दी-जुकाम की अवस्था में सीताफल का उपयोग करने से कफ का अधिक उभाड़ हो सकता है।सीताफल खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिये। 

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