पालतू जानवर के काटने पर क्या करें?

जब कोई पालतू जानवर काट ले तो क्या करना चाहिए? 

वतर्मान समय में हमारे देश में अधिकतर परिवारों में लोग पालतू जानवर रखते हैं। क्योंकि आप अपने पालतू जानवर से बहुत प्यार करते हैं और बदले में वो भी आपसे प्यार करते हैं। जिससे कि आपको खुशी मिलती है तथा आप मानसिक रूप से भी सही रहते हैं। मगर आप चाहे जानवर को जितना भी प्यार करो फिर भी जानवर तो जानवर ही रहेंगे। 

अक्सर ऐसा देखा गया है कि बहुत बार आपके पालतू जानवर ही आपको अनजाने में काट लेते हैं।  

पालतू जानवर के काटने पर इलाज नहीं किया जाए तो आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आपको यह भी जानना आवश्यक है की कभी आपका फालतू

जानवर आपको काट लें तो उस समय आपको क्या करना चाहिए? 

पालतू जानवर के काटने पर क्या करें?

  • यदि आपको किसी जानवर ने काट लिया है तो प्राथमिक उपचार के लिए आपको घाव वाली जगह को साबुन से साफ करना है। यह प्रक्रिया आप दो से तीन बार दोहराएं। 
  • यदि घाव में से रक्त का भाव अधिक है तो उस जगह पर साफ कपड़ा रखकर दबाए रखें। जब आपका रक्तस्राव बंद हो जाए तो उस जगह पर ऐंटीबायोटिक दवाई लगाएं। 
  • यदि आपको दर्द अधिक हो रहा है तो इबुप्रोफेन लें। 
  • वक्त के अनुसार पट्टी को बदलते रहें।
  • अगर स्तिथि गंभीर है तो रोगी को जल्द से अस्पताल ले जाएं।
  • रोगी के लक्षणों की जांच करते रहें।
  • डॉक्टर्स आपके घाव को साफ कर एंटीबायोटिक दवाई लगते हैं।
  • आपके घाव को देखकर उन्हें यह फैसला लेना पड़ेगा कि आपको टांके लगाने की आवश्यकता है या नहीं। 

आपको टेटनेस का इंजेक्शन लग सकता है 

यदि आपको किसी जंगली या पालतू जानवर ने काट लिया है तो आपको टिटनेस का इंजेक्शन अवश्य लगवाना चाहिए। क्योंकि यह nervous system की बीमारी है जो जीवाणुओं से फैलती है।

ये जीवाणु हमारी आंतों मे तथा जानवरों के मलों मे पाए जाते हैं। धूल मिट्टी में भी इस प्रकार के जीवाणु पाए जाते हैं।

जानवरों के काटने पर जो घाव होते हैं तो उस घाव से होकेर ये रक्त के द्वारा हमारे सम्पूर्ण शरीर में फ़ल जाते हैं। फिर रक्त में पहुंचकर ये विषैले जीवाणु आपके शरीर में नुकसान पहुँचाते हैं। इसलिए किसी जंगली या पालतू जानवर के काटने पर आपको टिटनेस का टिका अवश्य लगवाना चाहिए।

यदि आपको टेटनस का इंजेक्शन लगवाए हुए हैं पांच वर्ष से ज्यादा हो चूके हैं तो आपको दूसरा टीका लग सकता है। यदि आपको 5 साल से ज्यादा समय नहीं हुआ है तो फिर आप सुरक्षित हैं। 

यदि जानवर जंगली या पालतू जानवर को रेबीज का टीका ना लगा हो तो क्या करे?

अगर आपको जंगली जानवर तथा पालतू जानवर ने काट लिया है जिसकों रेबीज का टीका नहीं लगा है तो ऐसी स्थिती में आपको इमरजेंसी वार्ड में जाना चाहिए और रेबिज का टीका लगवाना चाहिए। इसमें आपको 4 टीके लगते हैं।

अगर आपने कभी पहले रेबीज का टीका लगवाया है तो अब आपको केवल 2 ही टीके लगवाने की आवश्यकता है। ये टीके आपको निश्चित समय अंतराल पर लगवाने होते हैं। तथा रेबीज जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए आपको इसका टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिए।  

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